सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के राजेन्दर नगर सेक्टर 5 में एक जिम और ब्यूटी पार्लर चलाने वाले एक दंपति ने अपने यहां काम करने वाले एक दम्पति को वेतन मांगने पर पीट दिया। अनुसूचित जाति के इस दम्पति ने मामले की शिकायत थाना साहिबाबाद में की तो पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट लिखने के बदले पीड़ित दम्पति को फैसला करने के लिये मजबूर किया।
जानकारी के अनुसार आगरा जिले की रहने वाली श्रीमती मीना पत्नी सुभाष अपने परिवार के साथ राजेन्द्र नगर सेक्टर 5 ,ब्लॉक 3 के भवन में चलने वाले महिलाओं के सलून में काम करते थे। पीड़ित सुभाष का कहना है कि उसे रुपये 12000 महीने वेतन पर जिम में और उसकी पत्नी मीना को 10हजार रुपये महीने वेतन पर रखा गया था तथा उनके परिवार को रहने के लिए एक कमरा मालिकों ने दे रखा था। बुधवार की देर शाम ब्यूटी पार्लर की मालकिन अलका गुप्ता ने मीना द्वारा त्यौहार पर अपना वेतन और शेष पैसा मांगा। आरोप है कि मीना के काम में नुक्स निकालते हुए मालकिन अल्का गुप्ता ने उसे बुला भला - बूरा कहा और उसकी पिटाई कर दी। शोर शराबा सुनकर जब पति आया तो उसे भी पीटा गया। पिटाई मकान मालकिन अलका गुप्ता के अलावा उसके पति विपिन गुप्ता और उसके दोनों बच्चों ने की । सुभाष किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भागा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस चैकी से पति पत्नी को थाना साहिबाबाद भेज दिया गया। रात 9.30 बजे तक पति-पत्नी बच्चों समेत थाना साहिबाबाद पर रहे बाद में उन्हें अगले दिन यानी बृहस्पतिवार को सुबह 9.30 बजे थाने आने को कहा गया ।
बृहस्पतिवार वे थाने पहुचे तो उन्हें फिर से पुलिस चैकी राजेन्दर नगर भेज दिया गया। लेकिन वहां चैकी इंचार्ज नहीं मिले तो फिर से पीडित परिवार थाने आ गया। थाने पर मौजूद एसआई शिव भूषण दीक्षित ने उनकी एक नहीं सुनी और फिर से उन्हें चैकी राजेंद्र नगर जाने का आदेश दे दिया कि जाओ वही तुम्हारा फैसला होगा। अनुसूचित जाति का यह परिवार जिनमें तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं कल से आज तक थाने और पुलिस चैकी के चक्कर काट रहा है लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। र्पीिड़त परिवार ने बातया कि उन्हें कहा गया कि अपना पैसा ले लें और फैसला लिख कर दे दें । जब पीड़ित ने अपने साथ हुई मारपीट की घटना की रिपोर्ट लिखने को पुलिस से कहा तो उसे टका सा जवाव मिला कि फिर तुझे वेतन के पैसे भी नहीं मिलेंगे। आखिर कार पीड़ित परिवार अपनी रिपोर्ट थाना साहिबाबाद में नहीं लिखा सका।
फोटो कैप्षन-पीड़ित महिला अपनी चोट दिखाती हुई।